Thursday, 10 August 2017

जय गुरु देव

हर जगह तुम्हारा एहसास है
खुवाब हो चाहे हक़ीक़त
सब में तुम्हारा वास है ,
मैं तुम्हें महसूस कर आनंद उठता हूँ
मेरे मौला मेरे सतगुरु
मैं तुम्हारे स्मरण से भी उर्जा पाता हूँ ,
तुम्हारी तस्वीर को निहारूं
तो हर्शुलास से भर जाता हूँ ,
तुम्हारे हर भक्त में
मैं खुद को देख पाता हूँ,
मेरे मौला मेरे सतगुरु
में तुम्हे बहुत चाहता हूँ
जय गुरु देव 

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