Monday, 20 November 2017

कहाँ गई वो खुश्बू

कहाँ गई वो खुश्बू
जो हर पल में घुली थी
अपनो से मिली थी ,
हर लम्हें को मुस्कान का जाम समझ जीते थे
मुश्किलें हो या सुकून........... पल खुशी से ही बीते
थे ,

आज गुम हो गए वो रिश्ते जाने किस भीड़ में
जिन्हें देख हम जीते थे............
मन को हार कर मनाया है ज़रूर
पर मुड़ कर देखूं तो
सच यही है की लम्हे बिन उनके हम फीके थे



Friday, 17 November 2017

रिश्तों को किसी की नज़र लगी है

रिश्तों को किसी की नज़र लगी है
इस बेबुनियादी सोच पर यकीं कर हमारी सोच पर बरफ जमी है
पिगल कर बह जाए
तो हमें हमारी खामियाँ नज़र आ जाए
और जो बैर का बीज जन्म ले रहा है
शायद वो जन्म ना ले पाए ................

Thursday, 16 November 2017

Sunday, 12 November 2017

जाने ज़िंदगी किस भीड़ में खो गई

जाने ज़िंदगी किस भीड़ में खो गई
एक वक़्त था जब अपनी थी
आज चिंताओं की हो गई ,
जो पल बेफ़िक्र जीते थे
वो आज हमारी सोच के मोहताज हैं
क्योंकि सिर पहना हमने केवल अंधकार का ही ताज है
इसलिए
धूप का आनंद
बरसात का प्यार
पतझड़ के रंग
और
सुख का सार
सब बन गया व्यापार............
क्योंकि दुवेश और घ्रणा के आगे हम  इंद्रियाँ गए हार
भूल गए अपने संस्कार
इसलिए
खो बैठे अपनो के प्रति प्यार

Thursday, 9 November 2017

प्रकृति

कभी मैं तुमसे अनुरोध करता हूँ
कभी मैं तुम्हारा विरोध करता हूँ,
मैं अपने फ़र्ज़ से पीछे नही हटना चाहता हूँ
मैं तुम्हे निरंतर देना चाहता हूँ,
परंतु मैं मजबूर हूँ ..............
प्रकृति

Tuesday, 7 November 2017

सुख था सुकून नही ...... चाह थी जुनून नही

सुख था
सुकून नही ......
चाह थी
जुनून नही .......
शायद इसलिए मंज़िल तक पहुँच नही पा रहा था
शायद इसलिए ,लिए ही बार - बार कोशिश करने से घबरा रहा था ,
आज जब सुकून और जुनून का अर्थ समझ आया
तो ठोकर खाए हर वक़्त में अनुभव ही नज़र आया
मज़िल तक पहुँच जाउँगा
खुद में इस विश्वास को पाया ,
ज़िंदगी में मज़िल ........
सुख और चाह से नही
बल्कि सुकून और जुनून से मिलती है
ये भी समझ आया ........

Sunday, 5 November 2017

एक दिन गुस्से में मैं , माँ से यूही कह गया

एक दिन गुस्से में मैं , माँ से यूही कह गया
कि तू मुझे समझती नही ,
माँ चुप खड़ी मेरी सारी बात सुनती रही
माँ से जवाब ना मिलने पर
मैने ही पूछा
तुम चुप क्यों हो ?
माँ मुस्कुरा कर बोली
मैं चुप इसलिए हूँ
क्योंकि मैं तुझे समझती हूँ ............